भारतीय परंपराओं में कई ऐसी बातों का जिक्र किया गया है, जिनका आध्यात्मिक और वैज्ञानिक दोनों आधार होते हैं। इन्हीं में से एक मान्यता यह है कि रात के समय बच्चों के कपड़ों को बाहर नहीं सुखाना चाहिए। हालांकि यह बात आपको सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन इसके पीछे ज्योतिषीय, धार्मिक और वैज्ञानिक कारण बताए जाते हैं। वहीं यह परंपरा क्यों प्रचलित हैं और इसके पीछे क्या मान्यता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि बच्चों के कपड़े रात के समय बाहर क्यों नहीं सुखाने चाहिए।
जानिए धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यता
नकारात्मक प्रभाव
हिंदू धर्म में माना जाता है कि रात के समय निगेटिव शक्तियां काफी सक्रिय रहती हैं। ऐसे में बच्चों के कपड़े बाहर सुखाने पर उन पर बुरी शक्तियां या फिर नकारात्मक ऊर्जा का असर हो सकता है। जोकि बच्चे के स्वास्थ्य और जीवन पर भी बुरा असर डाल सकता है।
नजर दोष और बुरी शक्तियां
बच्चों को जल्दी ही बुरी नजर लग जाती है। वहीं रात के समय में नकारात्मक शक्तियां एक्टिव रहती हैं। इसलिए रात के समय बच्चों के कपड़े बाहर डालने पर नकारात्मक शक्तियां हावी हो सकती हैं, जिससे बच्चा बीमार हो सकता है या फिर उनके स्वभाव में चिड़चिड़ापन आ सकता है।
चंद्रमा और ग्रहों का प्रभाव
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, रात के समय चंद्रमा की ऊर्जा काफी ज्यादा प्रभावी होती है। ऐसे में जब बच्चे के कपड़े खुले में पड़े रहते हैं, तो उन पर ऐसी ऊर्जा का प्रभाव हो सकता है। जो बच्चे के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं।
वैज्ञानिक कारण
बता दें कि रात में ओस गिरने की संभावना अधिक होती है, जिसकी वजह से कपड़े गीले हो सकते हैं। कपड़े गीले होने की वजह से उनमें बैक्टीरिया और फंगस पनप सकता। वहीं जब बच्चे ऐसे कपड़े पहनते हैं, तो उनको स्किन संबंधी संक्रमण या एलर्जी हो सकती है।
वहीं रात के समय बाहर कपड़े सुखाने से कीट, मच्छर और अन्य जीव उन पर बैठ सकते हैं। जिसकी वजह से कपड़े दूषित हो सकते हैं। छोटे बच्चों की स्किन काफा संवेदनशील होती है और यह कपड़े पहनाना खतरनाक हो सकता है।
रात के समय हवा में नमी की वजह से धूल और गंदगी कपड़ों पर चिपक सकती है। इससे बच्चे को सांस संबंधी परेशानी हो सकती है।