हिंदू धर्म नवरात्रि का विशेष महत्व माना जाता है और इस दौरान जगत जननी आदिशक्ति मां दुर्गा की पूजा की जाती है। नवरात्रि में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से चैत्र नवरात्रि की शुरूआत होती है। इस बार 30 मार्च 2025 से चैत्र नवरात्रि की शुरूआत हो रही है। वहीं व्यक्ति की कुंडली में राहु-केतु दोष होने पर व्यक्ति को अपने जीवन में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र में राहु-केतु दोष से मुक्ति पाने के लिए कुछ विशेष उपाय करने चाहिए। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको उन उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनको करके आप अपनी स्थिति में खुद बदलाव देख सकते हैं।
अशुभ प्रभाव होगा कम
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक राहु-केतु के दोष को मां भगवती की उपासना करने से दूर किया जा सकता है। इसलिए नवरात्रि के 9 दिनों तक दुर्गा सप्तशती का पाठ करें और 'ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय नम:' मंत्र का 108 बार जाप करें। इससे भी राहु-केतु का दोष कम होता है।
नवरात्रि में इन देवियों की करें पूजा
ज्योतिष मान्यताओं के मुताबिक देवी ब्रह्मचारिणी और देवी चंद्रघंटा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति को राहु और केतु दोष से मुक्ति मिल सकती है। इसलिए नवरात्रि पर इन दोनों देवियों की पूजा-उपासना जरूर करनी चाहिए।
इनकी करें आराधना
अगर आप भी चैत्र नवरात्रि में मां दुर्गा के अलावा भगवान शिव और हनुमान जी की पूजा-उपासना करते हैं। तो भी राहु और केतु दोष से मुक्ति मिल सकती है। वहीं इस दौरान हनुमान सहस्त्रनाम और शिव सहस्त्रनाम का जाप जरूर करें।
बुरे प्रभावों होगी कमी
बता दें कि राहु दोष से मुक्ति के लिए आप नवरात्रि में चांदी से बनी हाथी की मूर्ति घर लेकर आएं। अब इसको पूजा घर या फिर तिजोरी में स्थापित करें। इस मूर्ति के रोजाना दर्शन करने से व्यक्ति के राहु दोष के प्रभावों में कमी देखने को मिल सकती है।